अगर आप ये पढ़ रहे हैं, तो शायद आपने अभी-अभी पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा किया है (या करने वाले हैं) और सोच रहे हैं, “अब आगे क्या?”
मैं समझ सकता हूं, मैं भी उसी दौर से गुज़रा हूं। कई सालों की पढ़ाई, रात भर के असाइनमेंट्स, और अनगिनत कप कॉफी के बाद, जब मैंने अपनी मास्टर्स की डिग्री हाथ में ली, तो गर्व महसूस हुआ लेकिन साथ ही थोड़ी उलझन भी। मैं ऐसी नौकरी चाहता था जो सिर्फ बिल भरने के लिए न हो, बल्कि मुझे मकसद भी दे। तभी मुझे पोस्ट-ग्रेजुएट्स के लिए पुलिस जॉब्स की जानकारी मिली।
आइए, मैं आपको बताता हूं मेरा अनुभव मैंने क्या सीखा, कैसे तलाश शुरू की, और क्यों ये रास्ता आपके लिए भी हो सकता है।
पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद पुलिस की नौकरी क्यों?
सच कहूं तो जब पहली बार मैंने पुलिस की नौकरी के बारे में सोचा, तो खुद को उस रोल में देख ही नहीं पाया। फिल्मों में पुलिसवाले या तो गुंडों का पीछा कर रहे होते हैं या फिर डेस्क पर चाय पीते हुए दिखते हैं और मैं नहीं जानता था कि मैं कहां फिट होऊंगा।
लेकिन जब मैंने समाजशास्त्र (Sociology) में पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा किया, तो मैंने थोड़ा रिसर्च करना शुरू किया। मुझे पता चला कि पुलिस की नौकरी सिर्फ एक्शन के लिए नहीं है (हालांकि वो भी है!) ये समुदाय की सेवा करने, समस्याएं हल करने, और एक सम्मानजनक करियर पाने का ज़रिया है।
पोस्ट-ग्रेजुएट होने के नाते, मेरे पास और भी विकल्प थे। मैं सिर्फ कॉन्स्टेबल पद तक सीमित नहीं था (वैसे वो भी बहुत ज़रूरी हैं)। मेरे लिए सब-इंस्पेक्टर (SI), असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), और यहां तक कि UPSC जैसी परीक्षाओं के जरिए IPS तक का रास्ता खुला था। मुझे लगा मेरी पढ़ाई को अगर मैं देश सेवा में इस्तेमाल कर सकूं, तो इससे बेहतर क्या होगा?
पहला कदम: क्या-क्या विकल्प हैं, जानना शुरू किया
जब मैंने पुलिस की नौकरियों के बारे में खोजना शुरू किया, तो शुरुआत में थोड़ा घबरा गया। कहां से शुरू करूं? कोई गाइड करने वाला नहीं था, तो इंटरनेट ही मेरा सहारा बना। घंटों सरकारी वेबसाइट्स, जॉब पोर्टल्स और यहां तक कि लोकल अखबार (हां, चाचा जी का पेपर चुरा लिया!) खंगालता रहता था।
पोस्ट-ग्रेजुएट्स के लिए अच्छी खबर ये थी कि कई पुलिस जॉब्स में उच्च शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक जैसे राज्यों में नियमित रूप से भर्तियां निकलती हैं। CRPF, BSF जैसी केंद्रीय बलों में भी रिक्तियां आती रहती हैं।
मुझे याद है एक बार मेरी राज्य पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर की भर्ती निकाली। उसमें ग्रेजुएट की योग्यता मांगी गई थी, लेकिन पोस्ट-ग्रेजुएट्स को प्राथमिकता दी जा रही थी। वही पल था जब मुझे लगा “ये मेरे लिए हो सकता है!”
क्या मैं योग्य था?
हर नौकरी के लिए कुछ मानदंड होते हैं, तो मैंने ये समझने की कोशिश की कि मैं फिट बैठता हूं या नहीं:
शैक्षणिक योग्यता: ज्यादातर पुलिस पदों के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन है, लेकिन मास्टर्स डिग्री होने से फायदा मिलता है। कुछ पोस्ट्स क्रिमिनोलॉजी या लॉ जैसे विषयों को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन अधिकांश किसी भी स्ट्रीम से हो सकते हैं।
उम्र सीमा: SI और ASI के लिए आमतौर पर 21 से 30 साल के बीच होती है। OBC, SC/ST को छूट मिलती है।
शारीरिक योग्यता: शुरुआत में थोड़ी टेंशन हुई मैं कोई जिम फ्रीक नहीं हूं! लेकिन शारीरिक मानदंड साधारण होते हैं:
- पुरुष: 165-170 सेमी लंबाई, 80-85 सेमी सीना (फुलाकर)
- महिला: 150-155 सेमी लंबाई
- दौड़: 1.6 किमी लगभग 6-7 मिनट में
- कभी-कभी लंबी कूद या ऊंची कूद भी
परीक्षा: ज़्यादातर जॉब्स में लिखित परीक्षा, फिर फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू होता है। IPS के लिए UPSC का सिविल सर्विस एग्जाम होता है वो तो एक अलग ही लेवल है!
मैंने नौकरियां कहां खोजीं?
कुछ जगहें जहां मैं नियमित रूप से अपडेट देखता था:
- राज्य पुलिस की वेबसाइट्स: जैसे Karnataka के लिए ksp.karnataka.gov.in, यूपी के लिए uppolice.gov.in
- केंद्रीय पोर्टल्स: जैसे mha.gov.in, SSC की वेबसाइट
- नौकरी पोर्टल्स: Freshersworld, Sarkari Naukri जैसे पोर्टल्स पर फिल्टर लगाकर “post-graduate”, “Sub-Inspector” खोजता था।
- अखबार: Employment News और लोकल पेपर अभी भी बहुत काम के हैं!
- WhatsApp ग्रुप्स: कॉलेज के एक दोस्त ने जॉब ग्रुप में जोड़ा वहां से कई बार जल्दी जानकारी मिल जाती थी।
पहली बार आवेदन का अनुभव
जब मैंने पहली बार आवेदन किया वो भी Sub-Inspector पोस्ट के लिए तो थोड़ा नर्वस था। लेकिन प्रोसेस सीधा था:
- ऑफिशियल वेबसाइट से फॉर्म भरा
- डिटेल्स, डॉक्युमेंट्स अपलोड किए
- ₹200-500 का शुल्क भरा
- सबमिट करने से पहले सब चेक किया
एक हफ्ते बाद एडमिट कार्ड आया और लगा “अब तो सच्ची में शुरू हो गया!”
परीक्षा की तैयारी: मेरी जद्दोजहद और जीत
लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित, और भाषा से जुड़े प्रश्न आते हैं। GK तो पोस्ट-ग्रेजुएशन के कारण अच्छा था समाज, इतिहास, शासन पढ़ा हुआ था। लेकिन गणित? भगवान बचाए!
कजिन से SSC की पुरानी किताबें लीं, यूट्यूब पर ट्रिक्स देखीं, और रोज़ 2-3 घंटे अभ्यास किया। एक महीने के कोचिंग क्लास से मॉक टेस्ट्स भी करने लगा। रिजल्ट? स्कोर 40% से 70% तक पहुंचा आत्मविश्वास बढ़ गया।
फिजिकल टेस्ट के लिए सुबह दौड़ने लगा शुरुआत में 500 मीटर में ही हांफ जाता था। फिर 1 किमी, फिर 1.6 किमी 7 मिनट में। बहन टाइमर लेकर खड़ी रहती थी और मेरी हालत देखकर हंसती थी!
परीक्षा का दिन
एग्ज़ाम के दिन हाथ में एडमिट कार्ड और ID लेकर सेंटर पर पहुंचा। 2 घंटे की परीक्षा 100 प्रश्न। GK तो आराम से हो गया, गणित में थोड़ा अटक गया, लेकिन जैसे-तैसे हो गया।
एक महीने बाद रिजल्ट आया पास! फिर फिजिकल टेस्ट भी पास किया (गिरा नहीं, यही बड़ी बात थी)। इंटरव्यू में शिक्षा, करियर उद्देश्य और करेंट अफेयर्स पर सवाल हुए। पोस्ट-ग्रेजुएशन का प्रभाव साफ दिखा।
क्यों पुलिस की नौकरी फायदेमंद है?
- स्थिरता: ₹35,000-₹50,000 शुरुआती सैलरी + पेंशन और अन्य लाभ
- सम्मान: पड़ोसी के रिटायर्ड कॉन्स्टेबल को आज भी “सर” कहते हैं
- विकास: पोस्ट-ग्रेजुएट होने से इंस्पेक्टर या IPS तक पहुंचने की संभावनाएं
- उद्देश्य: अपराध सुलझाना, लोगों की मदद करना सिर्फ नौकरी नहीं, मिशन है
अप्रैल 2025 की मौजूदा रिक्तियां जिन पर मेरी नजर है:
- पंजाब पुलिस: 1,700 कॉन्स्टेबल और SI पद, आवेदन खुले हैं (मिड-अप्रैल तक)
- कर्नाटक पुलिस: 3,000+ पद
- CRPF: ASI पद के लिए भर्ती
मेरे अनुभव से कुछ टिप्स:
- जल्दी शुरू करें: लास्ट डेट तक मत रुकिए
- स्मार्ट तैयारी करें: अपनी ताकत (जैसे GK) और कमजोरी (जैसे गणित) पहचानिए
- फिट रहें: थोड़ी सी एक्सरसाइज भी बड़ी मदद करती है
- जानकारी बांटिए और लीजिए: दोस्त, परिवार या ऑनलाइन ग्रुप्स से जुड़े रहें
- खुद पर भरोसा रखें: आपकी डिग्री काम आएगी आपको बस आगे बढ़ना है
आखिरी बात
अब जब पीछे देखता हूं, तो खुशी होती है कि मैंने पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद पुलिस जॉब्स को एक विकल्प माना। ये सिर्फ वर्दी या सैलरी की बात नहीं है ये आपके स्किल्स और सपनों को सही दिशा देने का रास्ता है।
मैं अभी इस सफर में हूं (उम्मीद है जल्द SI बन जाऊंगा!), लेकिन अब तक का सफर बहुत कुछ सिखा गया।
अगर आप भी मेरी तरह पोस्ट-ग्रेजुएट हैं, तो एक मौका ज़रूर दीजिए। कौन जाने, किसी ट्रेनिंग एकेडमी में कभी चाय पर मिल भी जाएं!
और आप? क्या कभी पुलिस की नौकरी के बारे में सोचा है? बताइए मुझे जानकर अच्छा लगेगा।

Leave A Reply