सिर्फ 8वीं तक पढ़ाई की है और सोच रहे हैं कि क्या हमारे लिए भी कोई अच्छी नौकरी हो सकती है जो डिग्री या लंबी पढ़ाई न मांगे।
मैं समझ सकता हूँ, ज़िंदगी हमेशा हमारी योजना के हिसाब से नहीं चलती। और कभी-कभी हमें उसी से काम चलाना पड़ता है जो हमारे पास होता है। मेरे पास था एक 8वीं पास सर्टिफिकेट और ढेर सारी मेहनत की लगन। आज मैं अपनी कहानी आपसे शेयर करना चाहता हूँ कैसे मुझे बैंक में नौकरी करने का आइडिया आया, क्या-क्या मैंने सीखा और आप कैसे ऐसी नौकरियाँ ढूंढ़ सकते हैं।
स्पॉइलर अलर्ट: ये उतना नामुमकिन नहीं है जितना लगता है!
सब कुछ कैसे शुरू हुआ मेरे लिए
कुछ साल पहले मैं एकदम फंसा हुआ था। 8वीं पास किया था, लेकिन पारिवारिक हालात ऐसे बने कि आगे पढ़ाई नहीं कर सका। कभी दुकान में हेल्पर, कभी डिलीवरी बॉय ऐसे छोटे-मोटे काम करता रहा। पैसे आते थे लेकिन काम पक्का नहीं था। मैं सोचता, “क्या इससे अच्छा कुछ हो सकता है?”
एक दिन एक दोस्त से बात हुई जो सरकारी ऑफिस में चपरासी था। उसने बताया कि कई बार बैंक भी 8वीं पास लोगों को छोटी पोस्ट्स के लिए भर्ती करते हैं।
बैंक? मैं? सिर्फ 8वीं पास?
पहले तो यकीन नहीं हुआ, लेकिन मैंने ठान लिया पता तो लगाता हूँ।
उस समय न स्मार्टफोन था, न इंटरनेट। बस एक पुराना मोबाइल और पड़ोसी का कंप्यूटर इस्तेमाल करता था। बैंक ब्रांच में गया, लोगों से पूछा, जो मिला उससे बात की।
और जो पता चला, उसने उम्मीद जगा दी सरकारी बैंक और ग्रामीण बैंक अक्सर 8वीं या 10वीं पास लोगों को नौकरी पर रखते हैं।
नौकरी बड़ी नहीं होती, लेकिन पक्की और इज्ज़तदार होती है। और वहीं से मेरी तलाश शुरू हुई।
8वीं पास लोगों के लिए कौन-कौन सी बैंक की नौकरी मिल सकती है?
मेरे अनुभव और आसपास के लोगों से जो सीखा, वो ये है:
1. चपरासी / ऑफिस अटेंडेंट
बिलकुल बेसिक काम फाइल्स लाना ले जाना, ऑफिस के छोटे-मोटे काम करना।
एक भाई मिले, राजू, जो 10 साल से बैंक में चपरासी थे। बोले शुरुआत में तनख्वाह कम थी, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ी और पेंशन तक मिलती है।
2. झाड़ू लगाने वाला / क्लीनर
बैंक को साफ-सुथरा रखने का काम। कॉन्ट्रैक्ट पर होता है ज़्यादातर, लेकिन शुरूआत के लिए अच्छा है।
3. वॉचमैन / सिक्योरिटी हेल्पर
अगर आपको लंबे समय तक खड़े रहना और नज़र बनाए रखना ठीक लगता है, तो ये भी एक ऑप्शन है।
स्थानीय बैंक के वॉचमैन ने बताया कि वो सिर्फ 8वीं पास हैं और थोड़ा बेसिक ट्रेनिंग लेकर नौकरी में आ गए थे।
4. ग्रामीण बैंकों में हेल्पर
छोटे गाँवों या कस्बों के बैंक अक्सर ऐसे लोगों को रखते हैं जो कैश बैग्स ले जा सकें, क्लर्क की मदद कर सकें या नोटिस दे सकें।
नोट: ये नौकरियाँ हर दिन नहीं आतीं और ज़्यादातर सरकारी बैंकों में होती हैं, HDFC या ICICI जैसे प्राइवेट बैंकों में नहीं।
पहली कोशिश – मुश्किल थी लेकिन हिम्मत नहीं हारी
SBI की ब्रांच गया, पूछा “नौकरी है क्या?” गार्ड ने हँसते हुए कहा, “अभी नहीं भाई, लेकिन अखबार या वेबसाइट देखो।”
अखबार देखा एक दिन “मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS)” की वैकेंसी दिखी। लिखा था “कम से कम 8वीं पास” जैसे मेरी किस्मत चमक गई।
फॉर्म भरवाया, पोस्ट से भेजा… लेकिन कुछ नहीं हुआ। बाद में पता चला किसी 10वीं पास को रख लिया गया।
थोड़ा दुःख हुआ, लेकिन एक सीख मिली:
स्पर्धा है। जल्दी करना और चतुर होना ज़रूरी है।
क्या-क्या योग्यता चाहिए होती है?
- शिक्षा: ज़्यादातर नौकरियों में 8वीं या 10वीं पास मांगी जाती है।
- उम्र: 18 से 25 या कभी-कभी 30 साल तक के लोग।
- स्थानीय भाषा: उस राज्य की भाषा आनी चाहिए। जैसे मुझे हिंदी आती थी।
- शारीरिक फिटनेस: कभी-कभी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगते हैं।
टिप: कुछ विज्ञापनों में लिखा होता है “8वीं पास,” लेकिन अंदर कहीं छोटा सा लिखा होता है “10वीं को प्राथमिकता।” ये देखकर ही मैंने गलती से मौका खो दिया।
ये नौकरियाँ ढूंढें कहाँ?
- रोज़गार समाचार / अखबार:
रविवार के दिन सरकारी विज्ञापन ज़्यादा आते हैं। - बैंक की नोटिस बोर्ड:
पास के बैंक में जाकर दीवार पर लगे नोटिस देखें। - जान-पहचान:
सबको बताओ कि नौकरी ढूंढ रहे हो। कौन कब मदद कर दे, पता नहीं। - ऑनलाइन वेबसाइट:
अब मेरे पास मोबाइल है तो देखता हूँ SBI (sbi.co.in) या IBPS (ibps.in) की साइट्स पर भी भर्तियाँ आती हैं।
महत्वपूर्ण बात: वैकेंसी अक्सर 10-15 दिनों के लिए ही खुलती है इसलिए तुरंत अप्लाई करना सीखो।
मेरी पहली नौकरी – और वो खुशी!
2022 में एक कोऑपरेटिव बैंक में ऑफिस अटेंडेंट की पोस्ट के लिए विज्ञापन आया। लिखा था “केवल 8वीं पास और लोकल उम्मीदवार।”
फॉर्म भरा, सर्टिफिकेट लगाया और खुद जाकर जमा कर आया।
इंटरव्यू में तीन लोग बैठे थे। पूछे: “क्यों करना चाहते हो?” “पढ़-लिख सकते हो?” “भारी सामान उठा सकते हो?”
मैंने साफ-साफ कहा: “ईमानदार हूँ, मेहनती हूँ, नौकरी चाहिए।”
दो हफ्तों बाद नियुक्ति पत्र मिला मैं चयनित हो गया था!
तनख्वाह? ₹12,000 महीना, मेडिकल सुविधा, और यूनिफॉर्म।
मेरे लिए ये सपना जैसा था। अब घरवाले भी खुश थे।
बैंक में काम करना कैसा है?
सुबह 9 बजे पहुंचता हूँ। फाइल्स ले जाना, स्टाफ की मदद, ग्राहकों को गाइड करना यही काम है।
काम थोड़ा बोरिंग हो सकता है, लेकिन सैलरी पक्की आती है, और अब रोज़-दर-रोज़ के लिए जूझना नहीं पड़ता।
अगर आप आगे पढ़ते हैं तो प्रमोशन भी हो सकता है, लेकिन अभी के लिए यही बहुत है।
मेरे कुछ सुझाव आपके लिए
- हिम्मत मत हारो: ना सुनने को मिलेगा मिलता रहेगा। चलते रहो।
- लोगों से बात करो: कौन किसे जानता है, क्या पता!
- फॉर्म तैयार रखो: जब भी वैकेंसी आए, तुरंत अप्लाई कर सको।
- थोड़ा पढ़ना-लिखना सीखो: बेसिक अंग्रेज़ी या गणित जानना फायदेमंद है।
- स्थानीय बैंकों पर ध्यान दो: SBI जैसे बड़े बैंकों से पहले छोटे बैंकों में कोशिश करो।
2025 में भी ये नौकरियाँ हैं क्या?
हाँ, हैं!
सरकारी बैंक आज भी MTS, चपरासी, हेल्पर जैसे पदों के लिए भर्ती करते हैं।
बस अब कॉम्पिटीशन ज़्यादा है। और अब तो ऑनलाइन अप्लाई भी करना ज़रूरी हो गया है मोबाइल चलाना सीख लो।
क्यों जरूरी हैं ये बैंक नौकरियाँ हमारे जैसे लोगों के लिए
क्योंकि ये सिर्फ कमाई नहीं, इज्ज़त देती हैं।
एक यूनिफॉर्म पहनकर बैंक जाना, अपना काम करना, और महीने के अंत में पक्की तनख्वाह मिलना इससे बड़ी बात क्या हो सकती है?
अंत में
यही थी मेरी कहानी। अगर आप भी मेरी तरह 8वीं पास हैं और सोच रहे हैं कि क्या आपके लिए कुछ है तो जवाब है, हां, है।
सर्च करते रहो, फॉर्म भरते रहो, और हार मत मानो।
कोई ना कोई बैंक, कहीं ना कहीं, आपकी राह देख रहा है।
और जब मिल जाए, तो मुझे भी बताना। शायद किसी दिन हम एक ही ब्रांच में मिल जाएँ!
शुभकामनाएँ, और ढेर सारी हिम्मत!

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