10वीं के बाद क्या करें? जानिए बैंक की नौकरी पाने का आसान रास्ता!

मुझे आज भी याद है, मैं अपने बिस्तर पर बैठा हुआ था, पुराने नोटबुक्स पलटते हुए सोच रहा था, “क्या बस इतना ही है? क्या मैं सिर्फ 10वीं पास होकर कुछ बड़ा कर सकता हूँ?” और आज मैं पूरे यकीन से कह सकता हूँ – हाँ, बिल्कुल कर सकते हो! और जो रास्ता मैंने खोजा वो मेरे लिए सबसे दिलचस्प था – बैंक की नौकरी। हाँ, आपने सही पढ़ा – सिर्फ 10वीं पास होकर भी बैंक में नौकरी मिल सकती है।

ये ब्लॉग मेरा तरीका है आपसे वो सब बाँटने का जो मैंने सीखा – जॉब लिस्टिंग्स खंगालने से लेकर उन लोगों से बात करने तक जो खुद उस रास्ते पर चल चुके हैं। ये कोई बड़ी-बड़ी बातों वाला करियर गाइड नहीं है – बस एक आम लड़के की कहानी है, जो आपके जैसे ही हालात से निकला है। तो चलो, एक कप चाय उठाओ (या कॉफी, जो तुम्हें पसंद हो), और जान लेते हैं कि 10वीं पास होकर बैंक जॉब की दुनिया कैसी दिखती है।

सबकी शुरुआत होती है कहीं से – मेरी यूँ हुई

चलो थोड़ा पीछे चलते हैं। जब मेरी 10वीं के रिजल्ट आए, तो मुझे कोई आइडिया नहीं था कि आगे क्या करना है। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि कॉलेज या बड़ी पढ़ाई कर पाऊँ। लेकिन मैं खाली भी नहीं बैठना चाहता था।

एक दिन मेरे चाचा, जो एक सरकारी दफ्तर में चपरासी हैं, बोले – “बैंक में भी कुछ नौकरियाँ होती हैं, जहाँ डिग्री नहीं चाहिए।” वो समोसा खा रहे थे और ऐसे ही casually बोले। लेकिन उनके कहे शब्द मेरे दिल में बैठ गए।

मैंने फिर आसपास पूछना शुरू किया – दोस्तों से, पड़ोसियों से, और यहाँ तक कि पास के फोटोकॉपी वाले भैया से भी (वो सब जानते हैं, सच में)। पता चला कि कुछ बैंक जॉब्स ऐसी होती हैं जो सिर्फ 10वीं पास मांगती हैं। ये कोई मैनेजर वाली नौकरी नहीं होती, लेकिन नौकरी होती है – पक्की, सैलरी वाली, और आगे बढ़ने का रास्ता भी खुला रहता है।

कौन-कौन सी बैंक की नौकरियाँ होती हैं 10वीं पास वालों के लिए?

सरकारी बैंक – जैसे SBI, Bank of India, और कुछ छोटी-छोटी कोऑपरेटिव बैंक – ऐसी नौकरियों के लिए फेमस हैं। यहाँ कुछ जॉब्स हैं जो मैंने देखीं और जानी:

1. चपरासी / अटेंडेंट

ये सबसे आम और ज़रूरी पोस्ट है। फाइल्स उठाना, संदेश पहुँचाना, कस्टमर को गाइड करना – ये सब काम करते हैं। मैंने एक रवि नाम के लड़के से मिला, जो पाँच साल से बैंक में चपरासी है – उसका कहना है, “काम स्टेडी है, और समझदारी से किया जाए तो प्रमोशन भी मिल सकता है।”

2. स्वीपर / क्लीनर

बैंक को साफ-सुथरा रखने के लिए स्वीपर की ज़रूरत होती है। 10वीं पास होना काफी है। सैलरी ठीक-ठाक होती है, और सरकारी फायदे भी मिलते हैं।

3. सिक्योरिटी गार्ड

कुछ बैंक सीधे सिक्योरिटी गार्ड भर्ती करते हैं – और इनमें ज़्यादातर 10वीं पास ही मांगा जाता है। थोड़ी बहुत फिटनेस और कभी-कभी एक छोटा टेस्ट भी होता है।

4. हेल्पर / ऑफिस असिस्टेंट

थोड़ा कम देखने को मिलता है, लेकिन होता है। ये लोग पेपर वर्क में मदद करते हैं, स्टाफ को छोटे-छोटे कामों में सहयोग देते हैं।

ध्यान रहे – ये जॉब्स ज्यादातर सरकारी बैंकों में होती हैं। प्राइवेट बैंक (जैसे HDFC, ICICI) ज़्यादातर 12वीं या ग्रेजुएट्स को ही लेते हैं।

ये नौकरियाँ कहाँ मिलेंगी?

शुरुआत में मुझे भी समझ नहीं आया कि ढूंढना कहाँ से शुरू करूँ। लेकिन फिर धीरे-धीरे रास्ते मिलते गए:

  • अख़बार: लोकल अखबार के जॉब सेक्शन में रोज़ देखो। SBI, Bank of Maharashtra जैसी जगहें नोटिस देती हैं। “Class IV” जैसे शब्दों को पहचानो – यही 10वीं पास के लिए होता है।
  • बैंक की वेबसाइट: SBI (sbi.co.in), Bank of India (bankofindia.co.in) जैसी वेबसाइट्स पर जाकर “Careers” सेक्शन देखो।
  • लोकल पोस्टर: हमारे मोहल्ले में एक भैया हैं जो बिजली के खंभों पर जॉब वाले पोस्टर लगाते हैं। एक बार वहाँ से मुझे एक कोऑपरेटिव बैंक की जॉब मिली!
  • जुगाड़ / नेटवर्क: सबको बोलो कि नौकरी ढूंढ रहे हो – दोस्त, रिश्तेदार, नाई भैया – कोई भी काम आ सकता है।
  • सरकारी पोर्टल्स: indgovtjobs.in या freejobalert.com जैसी वेबसाइट्स पर “10th pass” फिल्टर लगाकर ढूंढो।

आवेदन करने के लिए क्या चाहिए होता है?

  • 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • आधार कार्ड या कोई सरकारी ID
  • उम्र का प्रूफ (18–30 साल आम तौर पर)
  • आवेदन फॉर्म (ऑनलाइन या हाथ से लिखा हुआ)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • ₹100–₹200 फीस (कभी-कभी)

नोट: अगर आप किसी आरक्षित वर्ग से हो (SC/ST/OBC), तो जाति प्रमाण पत्र ज़रूर बनवा लें।

सेलेक्शन कैसे होता है? – मेरी कहानी

  • लिखित परीक्षा: थोड़ा गणित, सामान्य ज्ञान, अंग्रेज़ी – मैंने पुराने 10वीं के किताबों और ऑनलाइन सैंपल पेपर्स से तैयारी की।
  • इंटरव्यू: डर तो लगा था, लेकिन सवाल आसान थे – “क्यों चाहिए नौकरी?” “मेहनत कर सकोगे?” – बस ईमानदारी और आत्मविश्वास दिखाना होता है।
  • मेरिट लिस्ट: कुछ नौकरियाँ सिर्फ 10वीं के अंकों पर भी मिल जाती हैं।
  • फिजिकल टेस्ट (गार्ड्स के लिए): थोड़ा दौड़ना-भागना होता है। मेरे दोस्त ने तो हफ्ता भर पहले से दौड़ना शुरू कर दिया था!

पहली बार रिजेक्ट हो गया, लेकिन दूसरी बार मैं पूरी तैयारी में था – और अटेंडेंट की नौकरी मिल गई।

सैलरी कितनी होती है?

  • चपरासी / अटेंडेंट: ₹14,000 – ₹20,000
  • स्वीपर: ₹12,000 – ₹18,000
  • सिक्योरिटी गार्ड: ₹20,000 – ₹25,000

सरकारी बैंक में PF, पेंशन, बोनस, और कुछ मामलों में हाउस अलाउंस भी मिलता है।

कठिनाइयाँ भी आईं

  • भीड़ बहुत होती है – एक बार तो इतनी लंबी लाइन थी कि दो गलियों तक पहुंच गई थी!
  • पेपरवर्क ठीक से करना सीखना पड़ा।
  • रिजल्ट आने में कभी-कभी 3 महीने लग जाते हैं।

लेकिन हर नाकामी से कुछ सीखने को मिला। और धीरे-धीरे सब आसान लगने लगा।

मेरे कुछ टिप्स – दिल से:

  • छोटी शुरुआत करो: चपरासी से भी शुरुआत हो सकती है – आगे रास्ता खुद खुलता है।
  • बेसिक पढ़ाई जारी रखो: मैथ्स और इंग्लिश रोज़ थोड़ा पढ़ो।
  • नेटवर्क बनाओ: सबसे बात करो, नौकरी का सुराग कहीं से भी मिल सकता है।
  • धैर्य रखो: सरकारी सिस्टम टाइम लेता है।
  • अपडेट रहो: हफ्ते में कम से कम दो बार वेबसाइट्स चेक करो।

अंत में – एक छोटा सा दिल से संदेश

10वीं पास होकर बैंक की नौकरी तलाशना मेरे लिए ज़िंदगी बदलने वाला फैसला था। नौकरी से ज़्यादा, आत्मसम्मान मिला – अपनी पहचान मिली।

अगर मैं कर सका, तो तुम भी कर सकते हो।

तो उठाओ अपनी 10वीं की मार्कशीट, और शुरू कर दो – किस्मत उन्हीं की बदलती है जो कोशिश नहीं छोड़ते।

शायद एक दिन हम किसी बैंक ब्रांच में मिलें – और चाय पर बैठकर हँसते हुए ये कहानी याद करें।

तब तक – शुभकामनाएँ, और लगे रहो!

Published on April 1, 2025

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