अगर आप भी 12वीं पास होकर सोच रहे हैं अब क्या करें, तो ये कहानी आपके लिए है।
कुछ साल पहले मैं भी वहीं था जहाँ आप हैं – 12वीं का रिजल्ट हाथ में था, लेकिन आगे का कोई रास्ता साफ़ नहीं दिख रहा था। आज, मैं एक बैंक क्लर्क हूँ, अपनी कमाई खुद करता हूँ और ज़िंदगी से खुश हूँ। कोई डिग्री नहीं, बस 12वीं का सर्टिफिकेट और ढेर सारा जुनून। जानना चाहते हो कैसे पहुँचा यहाँ तक? आओ बैठो, पकौड़े लेकर बैठो, और सुनो मेरी कहानी – बिल्कुल वैसे जैसे मैं अपने दोस्त को बताता।
शुरुआत: 12वीं के बाद की उलझन
12वीं का रिजल्ट आया – 62%। न बहुत अच्छा, न बहुत बुरा। पापा ने पीठ थपथपाई, मम्मी बोलीं, “बस अब कुछ कर ले।” लेकिन क्या करूँ? कॉलेज का मन नहीं था – सालों पढ़ाई करने का टाइम नहीं था, मैं कमाना चाहता था। घर की हालत भी ऐसी नहीं थी कि आराम से बैठा रहूँ।
तभी मेरे चाचा, जो सालों से बैंक में प्यून हैं, बोले, “बैंक में नौकरी ट्राय कर। 12वीं पास के लिए भी होती है।” मुझे लगा मज़ाक कर रहे हैं – बैंक जैसा बड़ा संस्थान मेरे जैसे लड़के को क्यों रखेगा? लेकिन उन्होंने ज़िद की, तो मैंने सोचा ट्राय करता हूँ।
थोड़ा पता किया, तो सच में बैंक – बड़े जैसे SBI और छोटे प्राइवेट वाले भी – 12वीं पास को बेसिक जॉब्स देते हैं। ठीक-ठाक पैसा, इज्ज़त, और स्थायी नौकरी। मुझे और क्या चाहिए था? मैंने सोच लिया – यही करना है।
पोस्ट नाम: बैंक जॉब
कुल पद: 3515
सैलरी: जानकारी नहीं
जगह: पूरे भारत में
कौन-कौन सी नौकरियाँ मिलती हैं?
शुरू में कुछ नहीं पता था, तो जो सुना, सब पकड़ा:
- क्लर्क: कस्टमर से डील करना, पैसे लेना, रसीद देना, कागज़ी काम – यही मेरी नौकरी है।
- डाटा एंट्री: कंप्यूटर में टाइपिंग। मेरी स्पीड कम थी, लेकिन सीखा जा सकता है।
- फोन वाली नौकरी: कॉल करना, लोगों की मदद या बैंक प्रोडक्ट बेचना। बातूनी नहीं हूँ, छोड़ दी।
- कैश हेल्पर: छोटे बैंक में कैश गिनना या छोटे-मोटे काम करना। थोड़ा थकाने वाला।
- टाइपिस्ट: अगर टाइपिंग या शॉर्टहैंड अच्छी है तो बढ़िया। मैंने ध्यान नहीं दिया।
ये नौकरियाँ SBI, Bank of India और प्राइवेट बैंक जैसे Axis वगैरह में आती हैं। सरकारी बैंकों में टेस्ट होता है, प्राइवेट में सीधा इंटरव्यू। मुझे सरकारी वाली जमी – टेंशन कम, काम स्थायी।
खोज कैसे की?
तब स्मार्टफोन नहीं था, पुराना फ़ोन था। रोज़ पापा का अखबार पकड़ता था – कभी “रोज़गार समाचार” ले आते, तो मैं ध्यान से पढ़ता। एक दिन देखा – “SBI Clerk: 12वीं पास, कम से कम 60%, उम्र 18-28”। मैं फिट बैठता था!
आजकल मेरा छोटा भाई सब ऑनलाइन देखता है – sarkariresult.com, sbi.co.in वगैरह। कभी-कभी X (पहले Twitter) पर भी मिल जाता है। चाचा अब भी अखबार में ही भरोसा रखते हैं।
फॉर्म कैसे भरा?
मैंने SBI क्लर्क वाली नौकरी के लिए अप्लाई किया। फॉर्म ऑनलाइन था, ₹700 फीस। घर में कंप्यूटर नहीं था, तो साइबर कैफे गया। वहाँ वाला भैया अच्छे से बैठाकर सब भरवाया – नाम, मार्क्स, पता। डर लग रहा था कहीं गलती न हो जाए। फीस भरी, और एक हफ्ते बाद एडमिट कार्ड आ गया। अब देना था एग्जाम!
तैयारी की कहानी
एग्जाम दो महीने बाद था – इंग्लिश, मैथ्स, पज़ल्स और जनरल नॉलेज। इंग्लिश ठीक थी, मैथ्स बुरी हालत। चाचा से पुरानी किताब ली, और GK का एक मैगज़ीन। दोपहर में बैठकर पढ़ता था।
मैथ्स सबसे मुश्किल – प्रॉफिट-लॉस, अनुपात, समय काम – बहुत सिरदर्द। एक दोस्त के घर जाकर फ्री वीडियो देखे – आसान भाषा में समझ आए। पज़ल्स खेल जैसे लगे। GK के लिए रोज़ अखबार पढ़ा – “RBI गवर्नर” से लेकर बैंक नियम तक।
शुरुआत में बहुत गलतियाँ कीं, लेकिन धीरे-धीरे सुधरा। ₹20 में पुराने पेपर लिए, रोज़ थोड़ा अभ्यास किया।
टिप: रोज़ थोड़ा पढ़ो – एकदम से रटना बेकार है।
एग्जाम वाला दिन: पूरा झमेला
सेन्टर एक घंटे दूर था। बाइक नहीं स्टार्ट हुई, रिक्शा पकड़कर पहुँचा – लेट, पसीने-पसीने। एग्जाम कंप्यूटर पर था – कभी नहीं दिया था! स्टाफ ने समझाया, और मैंने शुरू किया। इंग्लिश बढ़िया, मैथ्स गड़बड़, बहुत गेस किया। जल्दी निपटा और निकल लिया, पता नहीं क्या होगा।
एक महीने बाद साइबर कैफे में देखा – पहला राउंड पास कर लिया! अब टाइपिंग टेस्ट था। दोस्त के पुराने कीबोर्ड पर रोज़ अभ्यास किया – 20 शब्द प्रति मिनट पहुँच गया। वो भी पास हो गया।
इंटरव्यू: मेरी ज़िंदगी का पहला
कजिन की शर्ट पहनी – थोड़ी टाइट, टाई बांधना नहीं आता था, फिर भी ट्राय किया। कमरे में “I want to work hard” बोल-बोलकर प्रैक्टिस की।
इंटरव्यू SBI की ब्रांच में था – तीन लोग सामने, बहुत गंभीर। फैमिली, नौकरी क्यों चाहिए, “सेविंग अकाउंट” क्या होता है – सब पूछा। मैंने जैसा समझा, वैसा जवाब दिया। बहुत घबरा रहा था, लेकिन निकल गया।
बड़ी खबर: मुझे नौकरी मिल गई!
कुछ हफ्तों बाद चिट्ठी आई – Junior Clerk at SBI! मम्मी ने गले लगाया, उस दिन घर में खीर बनी। सैलरी ₹18,000 से शुरू, ऊपर से कुछ सुविधाएँ। एक 12वीं पास लड़के के लिए ये सपना था।
अब तक क्या सीखा?
- सरकारी या प्राइवेट? – SBI जैसी सरकारी नौकरी धीमी होती है, लेकिन भरोसेमंद। प्राइवेट में जल्दी नौकरी मिलती है, पर प्रेशर बहुत।
- आगे बढ़ना है? – यहीं से शुरू कर, मेहनत कर, आगे ऑफिसर बन सकता है। मैं भी सोच रहा हूँ।
- क्या-क्या आना चाहिए? – शांति से बात करना, तेज़ गिनती, कंप्यूटर चलाना – सब ऑन-द-जॉब सीख गया।
- अभी भी नौकरियाँ हैं? – अप्रैल 2025 है, SBI और बाकी बैंक अब भी वैकेंसी निकाल रहे हैं। ऑनलाइन और पेपर दोनों देखो।
मेरे टिप्स
- नियम देखो: ज़्यादातर बैंक 60% माँगते हैं, उम्र 18-28 साल। कुछ छूट भी देते हैं।
- नौकरी ढूंढो: पेपर, वेबसाइट्स जैसे freejobalert, bank की साइट – ढेरों ऑप्शन हैं।
- हल्की पढ़ाई शुरू करो: सस्ती किताब, आसान वीडियो, रोज़ थोड़ा अभ्यास।
- टाइपिंग सीखो: क्लर्क्स को चाहिए होता है। धीरे-धीरे स्पीड आएगी।
- हार मत मानो: मैं भी फेल हुआ था। लेकिन फिर किया।
आज कहाँ हूँ?
नौकरी अच्छी चल रही है। अब उतना शर्मीला नहीं हूँ, थोड़ी बचत भी हो जाती है, परिवार खुश है। सब परफेक्ट नहीं – कभी-कभी कस्टमर चिढ़ा देते हैं – पर मैं खुश हूँ। अब सोच रहा हूँ पार्ट-टाइम पढ़ाई करूँ, और आगे बढ़ूँ।
तो बस, ये थी मेरी कहानी – 12वीं पास से बैंक क्लर्क बनने तक। मैंने कर लिया, आप भी कर सकते हो। कोई जादू नहीं है – बस मेहनत और थोड़ा सा भाग्य। कोई सवाल हो तो पूछो, मदद करने में खुशी होगी।
ट्राय करो – खुद को चौंका दोगे!

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