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बिहार शिक्षक भर्ती:-1 लाख से अधिक लोगों को मिली टीचर के पदों पर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खबर

नमस्कार दोस्तों आप सभी का हमारे आर्टिकल में स्वागत है। अगर आप भी बिहार के रहने वाले हैं,तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी हैं,क्योंकि बिहार में अब शिक्षकों की भर्ती के लिए नियुक्तिया की जा रही हैं। जिसके अंतर्गत लाखों पदों पर टीचर की भर्ती हुई है। यह भर्ती दो पारी में संपन्न कराई जा रही है।जिसके अंतर्गत पहली पारी में 1 लाख 23 हजार शिक्षकों की हो चुकी है और दूसरे पारी में 94,000 शिक्षकों की भर्ती नियुक्ति हो गई है। इस भर्ती का कार्यकर्म गांधी मैदान में करने ऐलान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ कई मंत्री शामिल होंगे। इस भर्ती का मुख्य कारण है, टीचरों के शिक्षकों के अनुपात में सुधार करना। पहले छात्र और शिक्षकों का अनुपात केवल 65:1 था और अब इसमें काफी सुधार हो गया है। अब यह 35:1 हो गया है।बिहार राज्य के सीएम नीतीश शनिवार को 26000 से भी ज्यादा शिक्षकों के पद पर नियुक्ति पत्र भी देंगे।

महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान: शिक्षा सेक्टर में परिवर्तन/सुधार

भारत में शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान कई तरीक कामयाब साबित हो रहा है। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासों के संचालन के साथ ही, शिक्षकों की नियुक्ति में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि दर्ज की जा रही है, और इसमें बिहार सरकार का योगदान भी शामिल है। यहां महिलाओं को प्रारंभिक विद्यालयों की शिक्षक नियुक्ति में 2006 से ही 50 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को नौकरी में प्रवेश में सुधार हो रहा है।
इसके अलावा, टीचर नियुक्ति में भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक हो रही है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में जेंडर पैरिटी को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही, महिलाओं को शिक्षा क्षेत्र में उच्चतम स्तर पर पहुंचने में समर्थ बनाने के लिए उन्हें कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
इस प्रकार, शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान उनकी उन्नति को बढ़ावा दे रहा है, और साथ मे जेंडर इक्वलिटी की दिशा में भी सुधार कर रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र मे राज्य सरकार का योगदान

भारत में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, और इसमें राज्य सरकार का बड़ा योगदान है। साल 2005 से 2023 तक शिक्षा विभाग के बजट में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ा है।
साल 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4261 करोड़ था, जो अब बढ़कर 56,382 करोड़ हो गया है, इससे स्पष्ट होता है कि सरकार शिक्षा में निवेश को प्राथमिकता दे रही है। नए स्कूल भवनों का निर्माण और छात्रों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहन देने के माध्यम से शिक्षा की स्थिति में सुधार हो रहा है।
बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ, सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री बालक/बालिका प्रोत्साहन योजना आदि को भी संचालन में लाकर जनसमर्थन प्राप्त किया है। इससे शिक्षा में जेंडर पैरिटी को बढ़ावा मिल रहा है और छात्रों को समर्थन प्राप्त हो रहा है।
स्कूल के बच्चों को मुफ्त में किताब और कॉपी उपलब्ध कराई जाती है और मिशनआ के तहत कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाया जाता है, जिससे उन्हें उच्चतम स्तर की शिक्षा मिल सके।

ज्यादा से ज्यादा महिलाओ का चयन

आज बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति का दिन है, और इस मौके पर यह आई खुशखबरी यह है कि 51% शिक्षकों में महिलाएं का चयन हो रहा हैं। इसके अलावा अब छात्र और शिक्षकों के अनुपात में भी काफी सुधार सुधार देखा गया है।
परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था, कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजन, और एग्जाम केंद्रों पर जैमर भी लागू करवाये जा रहे हैं।
बायोमेट्रिक से शिक्षकों का उपस्थिति दर्ज करने से गणना में भी कमाल का सुधार हुआ है, और महिला शिक्षिकाओं को स्कूटी भी सिखाई जा रही हैं, ताकि वे आसानी से अपने विद्यालय तक पहुंचने सके।

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